UAE ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया, केवल डिप्लोमेटिक और ब्लू पासपोर्ट धारकों को अनुमति

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UAE ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया, केवल डिप्लोमेटिक और ब्लू पासपोर्ट धारकों को अनुमति

अगस्त 2025 के बाद से दुबई की भीड़ में गुमनाम लोगों की आँखों में एक नया डर दिखने लगा — वो भी अपने देश के नागरिकों के लिए। संयुक्त अरब अमीरात ने 28 नवंबर 2025 को आम पाकिस्तानी पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया। अब केवल डिप्लोमेटिक पासपोर्ट और ब्लू पासपोर्ट धारक ही प्रवेश के लिए योग्य हैं। ये फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था टूट रही है, विदेशी विनिमय भंडार केवल 7.5 अरब डॉलर पर हैं, और महंगाई 38.9% के आसपास पहुँच चुकी है।

क्यों बंद हुए वीजे?

यूएई की ओर से दिया गया कारण साफ है — बेगरी, अवैध व्यापार और शहरी अपराध। दुबई और अबूधाबी की सड़कों पर पाकिस्तानी नागरिकों की बेगरी की घटनाएँ इतनी बढ़ गईं कि यूएई ने इसे अपने ‘सुरक्षित शहर’ के प्रतिबिंब के लिए खतरा मान लिया। यह बात उन्होंने अपने अंदरूनी अधिकारियों के बयानों में स्पष्ट की है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समस्या तब और बढ़ गई जब सऊदी अरब ने पिछले साल हजारों पाकिस्तानी बेगरी के आरोप में निकाल दिया। यूएई ने नहीं चाहा कि वही दृश्य अपनी टूरिस्ट सीजन के दौरान दोहराया जाए।

वीजा अनुरोधों की खारिज की दर 80% तक पहुँच गई है, खासकर पहली बार आवेदन करने वालों और सिंगल-एंट्री वीजा धारकों के लिए। एक दुबई में काम करने वाले पाकिस्तानी ने कहा, ‘मैंने अपना वीजा अप्रैल में लगाया था — अब तक कोई जवाब नहीं। फोन पर कहा जा रहा है, ‘केस रिव्यू में है’। लेकिन किसके रिव्यू में? कौन फैसला कर रहा है?’

पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के अतिरिक्त आंतरिक सचिव सलमान अहमद चौधरी ने 28 नवंबर को सीनेट स्टैंडिंग कमेटी ऑन ओवरसीज पाकिस्तानीज को बताया कि ‘यूएई ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया है।’ कमेटी की अध्यक्ष सेनेटर रीना मुमताज़ ज़ेहरी ने डॉन को बताया कि हाल के महीनों में ‘काफी कठिनाइयों के बाद’ ही कुछ वीजे जारी हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा खतरा — पूरे पासपोर्ट पर प्रतिबंध — से बच लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई ने इस विकल्प को भी विचार किया था, लेकिन राजनयिक वार्ता के बाद यह निर्णय लटक गया। एक गुप्त सूत्र ने बताया, ‘हम जानते हैं कि यह बात टेबल पर थी। लेकिन हमारे विदेश मंत्री ने अपनी बात बहुत तेज़ी से रख दी।’

आर्थिक प्रभाव: एक बड़ा झटका

इस फैसले का सबसे बड़ा प्रभाव आर्थिक है। यूएई में लगभग 12 लाख पाकिस्तानी रहते हैं, जो हर साल लगभग 7.8 अरब डॉलर की रिमिटेंस भेजते हैं। यह रकम पाकिस्तान की कुल रिमिटेंस का लगभग 30% है — जो अब तक देश की विदेशी मुद्रा भंडार का एकमात्र स्थिर स्तंभ रहा है।

अब जब ये पैसे रुकने लगे हैं, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और गिरने लगी है। रुपया लगातार घट रहा है, आयात बंद हो रहे हैं, और लोगों के लिए बेसिक चीजें महंगी हो रही हैं। एक लाहौर के घरेलू महिला ने कहा, ‘मेरे बेटे का वीजा रद्द हो गया। वह दुबई में एक ड्राइवर था। अब हम उसकी आमदनी के बिना जी रहे हैं। बच्चे के लिए दवा खरीदने के लिए भी अब दो दिन बाद का इंतजार करना पड़ रहा है।’

भारत के खिलाफ तुलना: एक निशान

इसी दौरान, भारत का पासपोर्ट दुनिया भर में ताकतवर हो रहा है। अमेरिका, यूरोप, यूएई — सब जगह भारतीयों के लिए वीजा आसान हैं। लेकिन पाकिस्तान का पासपोर्ट अब दुनिया के सबसे कमजोर में से एक है। यह अंतर सिर्फ वीजा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का भी निशान है।

एक विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, ‘हम अपने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय ताकत के रूप में नहीं देख रहे। हमारे नागरिक अब बेगरी के लिए जाने जाते हैं, न कि व्यापार या निवेश के लिए।’

अगला कदम क्या है?

पाकिस्तान सरकार अब तीन रास्ते पर चल रही है: पहला, यूएई के साथ त्वरित वार्ता। दूसरा, यूएई के लिए एक ‘पाकिस्तानी वीजा प्रोग्राम’ बनाना, जिसमें बैकग्राउंड चेक, बैंक स्टेटमेंट और रिटर्न टिकट की शर्तें जोड़ी जाएँ। तीसरा — अन्य देशों में नौकरियों के लिए बाजार खोजना। लेकिन ये सब बहुत धीमा है।

एक विशेषज्ञ ने बताया, ‘अगर यूएई ने ये निर्णय लिया है, तो यह एक संकेत है कि वह अब बाहरी छवि को अंदरूनी सुरक्षा से ज्यादा महत्व दे रहा है। ये सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक चेतावनी है।’

क्या यह अस्थायी है?

अभी तक कोई निश्चित तारीख नहीं है। यूएई ने कहा है कि यह प्रतिबंध ‘स्थिति पर निर्भर’ है। लेकिन अगर पाकिस्तान ने अगले 6 महीनों में अपने नागरिकों के बारे में अंतरराष्ट्रीय छवि नहीं बदली, तो यह प्रतिबंध शायद स्थायी हो जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यूएई में काम कर रहे पाकिस्तानी लोगों को अभी भी रहने की अनुमति है?

हाँ, जो पाकिस्तानी लोग पहले से यूएई में काम कर रहे हैं, उनकी निवास अनुमति अभी भी वैध है। नया प्रतिबंध केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होता है। लेकिन अगर वे अपने देश लौट जाते हैं, तो वापस आना लगभग असंभव हो गया है।

क्या ब्लू पासपोर्ट धारक कौन होते हैं?

ब्लू पासपोर्ट पाकिस्तान सरकार के उच्च अधिकारियों, विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों और डिप्लोमेटिक नियुक्तियों के लिए जारी किया जाता है। ये पासपोर्ट आम नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं हैं। यह एक राज्य अधिकारी की पहचान है, न कि एक आम यात्री की।

यूएई के इस फैसले ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित किया है?

यूएई से आने वाली 7.8 अरब डॉलर की रिमिटेंस पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा है। इसके रुकने से रुपया और अधिक कमजोर हो रहा है, आयात पर दबाव बढ़ रहा है, और आम लोगों के लिए बुनियादी सामान महंगे हो रहे हैं। यह एक आर्थिक आपातकाल का संकेत है।

क्या पाकिस्तान ने इसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की है?

अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। यूएई एक निजी वीजा नीति अपना रहा है, जिसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई सीधा उपाय नहीं है। पाकिस्तान सरकार केवल राजनयिक वार्ता पर निर्भर है, जो अभी तक परिणामहीन रही है।

अगर कोई पाकिस्तानी यूएई जाना चाहता है, तो क्या विकल्प हैं?

कुछ लोग ओमान, कतर या बहरीन के वीजा के जरिए यूएई जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह जोखिम भरा है। यूएई के बॉर्डर पर अब अधिकारी अपने डेटाबेस में चेक करते हैं — अगर कोई पाकिस्तानी पासपोर्ट धारक है, तो वह अगर नियमित वीजा नहीं लेकर आया है, तो वापस भेज दिया जाता है।

यह फैसला भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय छवि कैसे देश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। जब भारत अपने नागरिकों को वैश्विक निवेशक और कुशल श्रमिक के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, तो पाकिस्तान के लिए यह छवि बेगरी और अपराध की हो गई है। यह एक नया अंतरराष्ट्रीय वरीयता व्यवस्था है।

Chandni Mishra

Chandni Mishra

मैं एक भारतीय समाचार लेखिका हूँ। मुझे भारतीय दैनिक समाचार पर लेख लिखने का शौक है। मैं अपने घर पर रहकर काम करती हूँ और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ। शीर्ष समाचार और घटनाओं पर लिखते हुए मैं समाज को सूचित रखने में विश्वास रखती हूँ।

12 Comments

Yogesh Popere

Yogesh Popere

30 नवंबर, 2025 . 00:59 पूर्वाह्न

ये यूएई वालों ने तो सच में बहुत समझदारी से किया है। पाकिस्तानी बेगरी और अपराध का दृश्य दुबई के टूरिस्ट्स के लिए बर्बर है। अगर कोई देश अपनी सुरक्षा के लिए वीजा रोक दे, तो उसका कोई दोष नहीं।

Manoj Rao

Manoj Rao

1 दिसंबर, 2025 . 12:19 अपराह्न

इसके पीछे कोई गहरा षड्यंत्र है... अमेरिका और भारत ने यूएई को दबाव डाला है, वरना एक छोटे देश की आर्थिक नीति कैसे बदल जाए? पाकिस्तान के पासपोर्ट को अब 'अवांछित' घोषित कर दिया गया है... ये नए वैश्विक वरीयता व्यवस्था का अंतिम चरण है।

Alok Kumar Sharma

Alok Kumar Sharma

1 दिसंबर, 2025 . 20:27 अपराह्न

पाकिस्तानी बेगरी बढ़ रही है। वीजा बंद करना सिर्फ तार्किक है। और भारत के लोग अब दुनिया भर में निवेश कर रहे हैं। अंतर स्पष्ट है।

Tanya Bhargav

Tanya Bhargav

3 दिसंबर, 2025 . 12:35 अपराह्न

मैंने एक दोस्त का बेटा दुबई में देखा था... वो एक ड्राइवर था, बहुत अच्छा इंसान था। अब उसकी बीवी रो रही है कि दवा नहीं मिल रही। ये सिर्फ वीजा नहीं, इंसानियत का सवाल है।

Sanket Sonar

Sanket Sonar

3 दिसंबर, 2025 . 16:14 अपराह्न

यूएई का ये निर्णय एक स्ट्रैटेजिक रिस्क मैनेजमेंट डिसिजन है। टूरिस्ट इमेज, रिमिटेंस फ्लो, सेक्योरिटी कॉस्ट - इन सबका ट्रेडऑफ़ लेने का ये एक क्लासिक एग्जांपल है। पाकिस्तान को अब सिस्टम रिफॉर्म करना होगा।

pravin s

pravin s

4 दिसंबर, 2025 . 18:47 अपराह्न

अगर भारतीयों के लिए वीजा आसान है, तो पाकिस्तानी लोगों के लिए क्यों नहीं? क्या हमारे नागरिक अपने आप को इतना कमजोर दिखाते हैं?

Bharat Mewada

Bharat Mewada

5 दिसंबर, 2025 . 17:05 अपराह्न

एक पासपोर्ट सिर्फ कागज नहीं होता - ये एक देश की आत्मा का प्रतीक होता है। जब तक हम अपने नागरिकों को दुनिया के सामने गरिमा से पेश नहीं करेंगे, तब तक ये निर्णय बने रहेंगे।

Ambika Dhal

Ambika Dhal

5 दिसंबर, 2025 . 19:00 अपराह्न

ये सब बहाना है। पाकिस्तानी लोग बेगरी करते हैं? तो भारतीय लोग क्या करते हैं? क्या आपने देखा है कि कितने भारतीय यूएई में अवैध रूप से काम कर रहे हैं? ये दोहरा मानक है।

Vaneet Goyal

Vaneet Goyal

6 दिसंबर, 2025 . 00:32 पूर्वाह्न

यूएई ने सिर्फ वीजा बंद किया है, न कि पासपोर्ट। अगर पाकिस्तान सरकार अपने नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय ट्रैकिंग सिस्टम बनाए, तो ये प्रतिबंध खत्म हो सकता है। ये नहीं कि सब कुछ बाहरी दोष का है।

Amita Sinha

Amita Sinha

6 दिसंबर, 2025 . 19:03 अपराह्न

बेगरी करने वालों को निकाल दो... अच्छा हुआ! 😊 अब ये लोग घर आएंगे, और हम उनके लिए राहत देंगे? नहीं भाई, अब ये लोग अपने देश में ही अपना भविष्य बनाएंगे। अगर वो नहीं कर सकते, तो ये उनकी गलती है।

Bhavesh Makwana

Bhavesh Makwana

8 दिसंबर, 2025 . 12:04 अपराह्न

इस फैसले को एक चेतावनी के रूप में देखो। पाकिस्तान को अपने बच्चों को शिक्षा देनी होगी, न कि बेगरी का रास्ता चुनना। एक देश की ताकत उसके नागरिकों की योग्यता में होती है, न कि उनके पासपोर्ट के रंग में।

Vidushi Wahal

Vidushi Wahal

9 दिसंबर, 2025 . 18:11 अपराह्न

मेरी माँ ने एक पाकिस्तानी दोस्त को बताया था - उसका बेटा दुबई में ड्राइवर था। अब वो घर पर है, बच्चे की दवा नहीं खरीद पा रहा। क्या ये नीति सिर्फ नियमों के लिए है? या इंसानियत के लिए?

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