2026 के अष्टमी और नवमी तिथि: पूरे साल के प्रमुख तिथियाँ

  • घर
  • 2026 के अष्टमी और नवमी तिथि: पूरे साल के प्रमुख तिथियाँ
2026 के अष्टमी और नवमी तिथि: पूरे साल के प्रमुख तिथियाँ

2026 में हिंदू कैलेंडर का हर महीना अपने से कुछ खास तिथियाँ लेकर आएगा। विशेषकर हिंदू पंचांग के अनुसार, बुद्धदेवी दुर्गा, भगवान श्रीकृष्ण, और भैरवनाथ की उपासना के लिए अष्टमी सबसे महत्वपूर्ण माना जाती है।

यह खबर उन सभी श्रद्धालुओं के लिए खास है जो सही मुहूर्त जानकर व्रत और पूजा करने चाहते हैं। चलिए देखते हैं कि 2026 में कौन-सी अष्टमी किस दिन आएगी और इसके पीछे क्या महत्व है。

2026 की प्रमुख अष्टमी तिथियाँ एक नज़र में

चित्रा पक्ष और पूर्णिमा दोनों ही अष्टमी के दो रूप होते हैं। शुक्ल पक्ष की अष्टमी को अधिकांश लोगों द्वारा शुभ कार्यों के लिए मान्यता प्राप्त है। 2026 में सबसे पहले भीष्म अष्टमी 25 जनवरी की शाम को शुरू होगी और 26 जनवरी शाम तक रहेगी। यह दिवस महाभारत के भीष्म पितामह को समर्पित है जो कर्तव्य और धर्म के प्रतीक हैं।

लेकिन रस्में तो इससे ज्यादा रुचिकर हैं। मार्च महीने में शीतला अष्टमी भक्तों के लिए खास तौर पर महत्व रखती है। इस दिन शीतला देवी की पूजा की जाती है जो बीमारियों से बचाव करती हैं। लोग अक्सर इस दिन ठंडी खाना खाते हैं क्योंकि यह साधारणता और निर्मलता का प्रतीक है।

जन्माष्टमि और दुर्गा पूजा: सबसे बड़े त्योहार

सबसे अधिक उत्सव मनाने वाली तिथि 2026 में कृष्ण जन्माष्टमीवाराणसी, भारत होगी। 4-5 सितंबर के बीच इस त्योहार का आयोजन होगा। मंदिर पूरी रात खुले रहते हैं और भक्त कृष्ण की कथा गाते हैं। यहाँ कुछ बातें:

  • सुमति रात्रि के दौरान विशेष कार्यक्रम होंगे
  • घंटियाँ और झूलते गोल (झूला) लगेंगे
  • रात भर जागरण और भजन की रस्साइयाँ लगेंगी
  • मदुरेवाड़ी के खास नाईट प्रोग्राम होंगे

दूसरी ओर, दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमीकोलकाता 18-19 अक्टूबर को आएगी। ये शारद नवरात्री के हिस्से के रूप में सबसे पवित्र समय होता है। इस दिन माँ दुर्गा की महागौरी रूप में उपासना होती है और संध्य पूजा सबसे महत्वपूर्ण रस्म है।

नवरात्रि के बीच नवमी और अन्य तिथियाँ

नवरात्रि के बीच नवमी और अन्य तिथियाँ

नवमी तिथियाँ मासिक चक्र के साथ चलती हैं। मार्च 2026 में 12 और 26 मारी को नवमी आ रही है। पांचांग के अनुसार, दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक गिनता है, इसलिए स्थानीय समय के अनुसार रस्में जरूरी हैं। बारिश की सीजन में कई मध्यम अष्टमियाँ आती हैं, जहाँ वर्षा को आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

अहोई अष्टमी 1-2 नवंबर को होगा। यह महिलाओं के लिए खास है जो अपने बच्चों के दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करती हैं।

शुभ और अशुभ मुहूर्त कैसे पहचानें?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर तिथि का अपना वैचारिक और व्यावहारिक महत्व होता है। जब भी पूजा हो रही है तो सही समय का पालन करना चाहिए। विज्ञान के अनुसार, चंद्रमा के फेजेज हमारे ऊपर भावनात्मक प्रभाव डालते हैं।

लेकिन यहाँ एक ट्विस्ट है। कई लोग अभी भी पुरानी विधि का पालन करते हैं जबकि नए पंचांग अलग समय बताते हैं। स्थानीय समय के अनुसार गणना करें। जैसे अगर आप उत्तर भारत से हैं तो दिल्ली का समय मानें, और दक्षिण भारत के लिए चेन्नई का समय लें।

2026 की महीनावार तिथि टेबल

2026 की महीनावार तिथि टेबल

आसान अनुप्रयोग के लिए यहाँ एक सरल टेबल दिया गया है:

तिथितारीखविशेषता
भीष्म अष्टमी25-26 जनवरीधर्म और कर्तव्य का प्रतीक
शीतला अष्टमी11-12 मार्चबीमारियों से बचाव
चैत्र शुकला अष्टमी25-26 मार्चचंद्रग्रहण का प्रभाव
कृष्ण जन्माष्टमी4-5 सितंबरभगवान कृष्ण का जन्म
दुर्गा अष्टमी18-19 अक्टूबरनवरात्री का मुख्य दिन
अहोई अष्टमी1-2 नवंबरबच्चों के लिए व्रत

Frequently Asked Questions

2026 में सबसे महत्वपूर्ण अष्टमी कौन सी है?

दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) सबसे महत्वपूर्ण तिथि है जो 18-19 अक्टूबर 2026 को शारद नवरात्री के दौरान आएगी। इस दिन संध्य पूजा विशेष रूप से पवित्र माना जाता है और पूरे भारत में लाखों भक्त उपवास और पूजा का पालन करते हैं।

जन्माष्टमी 2026 की सही तिथि कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर सुबह 2:25 बजे से शुरू होगी और 5 सितंबर रात 12:14 बजे समाप्त होगी। यह तिथि हर साल बदलती है और चंद्रमा के चरणों पर आधारित होती है।

भीष्म अष्टमी का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

भीष्म अष्टमी महाभारत के भीष्म पितामह को समर्पित है जिन्होंने धर्म और कर्तव्य का त्याग किया था। 25-26 जनवरी 2026 को यह तिथि आएगी जो स्वामी जी और शासकों के जीवन में अनिवार्य विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

शीतला अष्टमी क्यों मनाना चाहिए?

शीतला अष्टमी 11-12 मार्च को शीतला देवी की उपासना के लिए आयोजित होता है जो रोगों और बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती हैं। इस दिन लोगों को ठंडा खाना खाने की परंपरा है जो आध्यात्मिक शुद्धि और सादा जीवन का प्रतीक है।

नवरात्री के दौरान नवमी कैसे मनाते हैं?

नवरात्री के तीनों दिनों (अष्टमी, नवमी, दशमी) में विशेष पूजा होती है। नवमी पर देवी दुर्गा का विभिन्न रूपों में पूजन होता है और 2026 में मार्च में 12 और 26 को तथा अक्टूबर में नवरात्री के दौरान नवमी आएगी।

Chandni Mishra

Chandni Mishra

मैं एक भारतीय समाचार लेखिका हूँ। मुझे भारतीय दैनिक समाचार पर लेख लिखने का शौक है। मैं अपने घर पर रहकर काम करती हूँ और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ। शीर्ष समाचार और घटनाओं पर लिखते हुए मैं समाज को सूचित रखने में विश्वास रखती हूँ।