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इजरायली टैंकर पर हमला करने वाली हौती नियंत्रित पोर्ट पर छापे में सीएनएन की भागीदारी

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इजरायली टैंकर पर हमला करने वाली हौती नियंत्रित पोर्ट पर छापे में सीएनएन की भागीदारी

इजरायली टैंकर पर सीएनएन की भागीदारी

सीएनएन संवाददाता निक रॉबर्टसन एक ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बने, जिसमें उन्हें इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के साथ एक इजरायली टैंकर पर सवार होकर यमन में हौती नियंत्रित पोर्ट पर हमला करने के लिए भेजा गया। इस मिशन का उद्देश्य इजरायल की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और हौती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे मिसाइल हमलों का जवाब देना था।

मिशन की महत्वपूर्ण जानकारी

इजरायली टैंकर, जो पहले एक कमर्शियल एयरक्राफ्ट था, को सैन्य उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया था। यह टैंकर एक 50 साल पुराना 707 एयरक्राफ्ट है, जिसमें यात्री सीटों की जगह प्रेशराइज्ड फ्यूल टैंक्स लगाए गए थे। इस टैंकर का उद्देश्य एफ35 फाइटर जेट्स को रिफ्यूल करना था, ताकि वे लंबी दूरी तक उड़ान भर सकें और हौती नियंत्रित पोर्ट पर अपने मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकें।

इस ऑपरेशन का नेतृत्व एक 15 वर्षों के अनुभवी स्क्वाड्रन कमांडर ने किया, जिन्होंने इस जटिल कार्य की चुनौतियों और आवश्यकताओं पर विस्तार से बताया। मिशन के दौरान यह सुनिश्चित करना आवश्यक था कि फ्यूल की पर्याप्त मात्रा हो और टाइमिंग सटीक हो, ताकि ऑप्टिमल टाइम पर हौती नियंत्रित पोर्ट पर हमला किया जा सके।

मिशन की वजह और तैयारी

यह मिशन 16 घंटों के भीतर किया गया, जब हौती विद्रोहियों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्यूयॉर्क से लौटने के दौरान बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किए जाने का दावा किया। इस प्रकार के हमलों से नागरिकों की जान को गंभीर खतरा था, जिससे इस मिशन की संभावितता और बढ़ गई थी।

आईडीएफ के इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य था हौती विद्रोहियों को निशाना बनाना, जो बार-बार इजरायली नागरिकों पर मिसाइल हमले कर रहे थे। मिशन को अंजाम देने में सभी उपलब्ध इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया, ताकि नागरिक क्षति को न्यूनतम रखा जा सके। इस मिशन में इजरायली एफ35 फाइटर जेट्स का उपयोग किया गया, जिनकी कीमत $100 मिलियन से अधिक है।

मिशन के दौरान टैंकर क्रू के एक रिज़र्विस्ट ने विभिन्न चुनौतियों और आवश्यकताओं पर ध्यान दिया, जिसमें नागरिकों को नुक़सान न पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए हर पहलू का गहन निरीक्षण किया गया था।

मिशन की व्यापक चर्चा

सीएनएन संवाददाता निक रॉबर्टसन ने इस पूरे मिशन के दौरान आईडीएफ के साथ रहने का अनुभव साझा किया, जो अपने आप में रोमांचक और महत्वपूर्ण था। यह मिशन इजरायली वायुसेना के इतिहास में सबसे लंबी दूरी के कॉम्बैट ऑपरेशन्स में से एक माना जा रहा है, जो 1985 में ट्यूनिशिया पर के हमले के बाद का सबसे लंबा मिशन है।

यह मिशन न केवल इजरायली सैन्य क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि इजरायली सुरक्षा बलों की तत्परता और तकनीकी कौशल को भी उजागर करता है। रॉबर्टसन ने बताया कि किस प्रकार से इस मिशन के दौरान टीम ने सभी मुमकिन सुरक्षा उपायों का पालन किया और हर कदम पर सतर्कता बरती।

हौती नियंत्रित पोर्ट पर किए गए इस हमले का विश्वभर के मीडिया में व्यापक चर्चा हुई। यह मिशन यह दिखाने में भी सफल रहा कि किस प्रकार से आधुनिक तकनीक और रणनीतियों का उपयोग करके जटिल और लंबी दूरी के हमलों को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सकता है।

समस्याएँ और चुनौतियाँ

समस्याएँ और चुनौतियाँ

इस प्रकार के मिशनों के दौरान कई प्रकार की समस्याएँ और चुनौतियाँ सामने आती हैं। सबसे अहम चुनौती थी ईंधन की पर्याप्त मात्रा और सही स्थान पर सही समय पर पहुंचना। एफ35 फाइटर जेट्स को ठीक समय पर रिफ्यूल करना था, ताकि वे अपने मिशन को सही वक्त पर और सही जगह पर अंजाम दे सकें। इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखना था कि नागरिक क्षेत्रों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

मिशन के लिए तैयारियों में कई पहलु शामिल थे, जिनमें इंफॉर्मेशन गैदरिंग, इंटेलिजेंस एनालिसिस और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग जैसे महत्वपूर्ण फेज़ थे। यह तय करना कि किन टारगेट्स को हिट करना है और किस प्रकार से मिशन को निष्पादित करना है, अत्यधिक महत्व का था।

नतीजे और भविष्य की दिशा

इस मिशन के सफलतापूर्वक निष्पादित होने के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि इजरायली वायुसेना की क्षमताएं और रणनीतियाँ अत्यन्त प्रभावशाली हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भविष्य में इस प्रकार के और भी जटिल और लंबी दूरी के मिशनों को अंजाम देने के लिए आईडीएफ पूरी तरह से तैयार है।

इस मिशन ने यह दिखा दिया कि कड़ी तैयारियों और सुव्यवस्थित रणनीति के साथ किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। आगामी समय में, इजरायली डिफेंस फोर्स इस प्रकार के और भी मिशनों के लिए तत्पर रहेगी और अपनी रणनीतिक क्षमता को और बढ़ाएगी।

राधिका शर्मा

राधिका शर्मा

मैं एक भारतीय समाचार लेखिका हूँ। मुझे भारतीय दैनिक समाचार पर लेख लिखने का शौक है। मैं अपने घर पर रहकर काम करती हूँ और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ। शीर्ष समाचार और घटनाओं पर लिखते हुए मैं समाज को सूचित रखने में विश्वास रखती हूँ।

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