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शेयर बाजार में भगदड़: मैनिक मंडे के असर से ओला इलेक्ट्रिक, सीईआईगैल, अकुम्स ड्रग्स आईपीओ और जीएमपी की स्थिति

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शेयर बाजार में भगदड़: मैनिक मंडे के असर से ओला इलेक्ट्रिक, सीईआईगैल, अकुम्स ड्रग्स आईपीओ और जीएमपी की स्थिति

शेयर बाजार में मैनिक मंडे की दहशत

हाल ही में शेयर बाजार में 'मैनिक मंडे' के नाम से जानी जाने वाली अस्थिरता ने निवेशकों को चौंका दिया। पिछले सोमवार को बाजार में इतनी तेज गिरावट आई कि अनेक आईपीओ पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। विशेषकर ओला इलेक्ट्रिक, सीईआईगैल और अकुम्स ड्रग्स जैसे प्रमुख आईपीओ निवेशकों के विश्वास के केंद्र में आ गए।

ओला इलेक्ट्रिक आईपीओ और बाजार की प्रतिक्रिया

ओला इलेक्ट्रिक का आगामी आईपीओ बाजार में पहले से ही चर्चाओं में था, लेकिन 'मैनिक मंडे' की घटना ने इसे भारी चोट पहुंचाई। निवेशकों को उम्मीद थी कि यह आईपीओ बड़ी धूमधाम से खुलेगा, लेकिन अचानक आई गिरावट ने इस पर शक के बादल छा दिए। हालांकि कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आईपीओ चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो सकता है।

सीईआईगैल और अकुम्स ड्रग्स आईपीओ पर अस्थिरता का असर

ओला इलेक्ट्रिक के अलावा, सीईआईगैल और अकुम्स ड्रग्स के आईपीओ भी 'मैनिक मंडे' की दरारों के नीचे दबे महसूस हुए। दोनों कंपनियों के आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह था, लेकिन अचानक हुई गिरावट ने यह सब धुंधला कर दिया। विश्लेषकों का कहना है कि यह अस्थिरता नीजीकरण और वैश्विक बाजार के प्रभाव को दर्शाती है। जीएमपी के आधार पर निवेशकों की बढ़ती असहमति भी इस पर असर डाल रही है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) और निवेशकों की चिंताएं

ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) और निवेशकों की चिंताएं

जीएमपी निवेशकों के विपणन के मापदंड के रूप में देखा जाता है और यह सप्ताह के पहले दिन की भारी अस्थिरता के चलते और भी महत्वपूर्ण हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि ओला इलेक्ट्रिक, सीईआईगैल और अकुम्स ड्रग्स के मौजूदा जीएमपी को ध्यान में रखते हुए निवेशकों का रुझान बेहद संवेदनशील हो गया है। बीते सोमवार को आई गिरावट ने निवेशकों के बीच संदेह और अनिश्चितता के बादल फैला दिए हैं।

विश्लेषकों के विचार और आने वाले समय का प्रक्षेपण

मशहूर विश्लेषक जॉन हस्मैन ने पिछले कुछ समय से बाजार के ओवरवैल्यूएशन और सट्टेबाजी की प्रवृत्ति की ओर इशारा किया है। उनका दावा है कि ऐतिहासिक रुझानों और मौजूदा बाजार सीमा को देखते हुए एसएंडपी 500 में 50% से 70% की कमी आ सकती है। उनकी चेतावनी ने निवेशकों के बीच चिंता की एक लहर पैदा कर दी है।

आशावादी निवेशकों की उम्मीदें

हालांकि इन सभी चेतावनियों के बीच, अभी भी कई निवेशक बाजार के मौजूदा स्तर को बनाए रखने की आशा जता रहे हैं। उन्हें यकीन है कि हाल की गिरावट के बावजूद बाजार वापस अपनी सही स्थिति में आ सकता है। यह आत्मविश्वास बाजार की अस्थिरता को कम कर सकता है या आने वाले समय में इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना सकता है।

आखिर में

आखिर में

संक्षेप में, 'मैनिक मंडे' ने शेयर बाजार में जो दहशत फैलाई, उसने निवेशकों को कई सवालों के घेरे में डाल दिया है। विशेषकर ओला इलेक्ट्रिक, सीईआईगैल और अकुम्स ड्रग्स के आगामी आईपीओ के संदर्भ में इस अस्थिरता का असर चिंताजनक है। अब देखना यह है कि क्या बाजार इस अस्थिरता से उभर कर वापस अपनी मजबूत स्थिति में लौट पाता है या निवेशकों के डर और चेतावनियों के कारण और अधिक दबाव में आता है।

राधिका शर्मा

राधिका शर्मा

मैं एक भारतीय समाचार लेखिका हूँ। मुझे भारतीय दैनिक समाचार पर लेख लिखने का शौक है। मैं अपने घर पर रहकर काम करती हूँ और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ। शीर्ष समाचार और घटनाओं पर लिखते हुए मैं समाज को सूचित रखने में विश्वास रखती हूँ।

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