तमिलनाडु की राजनीति का इतिहास हमेशा के लिए बदल गया है। सी. जोसेफ विजय, मुख्यमंत्री और तमिझाग वेत्त्री कज़गम (टीवीके) के नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। पिछले 59 वर्षों से द्रविड़ पार्टियों का हावी रहने वाला राजनीतिक परिदृश्य अब टूट चुका है। 4 मई 2026 को घोषित हुए नतीजों ने दिखाया कि टीवीके 108 सीटों पर जीत दर्ज करके विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
हालांकि, बहुमत के लिए आवश्यक 117 सीटों तक पहुँचने में उन्हें 10 सीटों की कमी रही। इस फाइनलाइंड सियासी पहेली में अब विधुथलाई चिरुथाल कच्चि (वीसीके) की भूमिका निर्णायक साबित होगी। वीसीके अभी भी डीएमके-प्रमुखता वाले 'सेकुलर प्रोग्रेसिव एलायंस' (एसपीए) का हिस्सा है, लेकिन उनकी सहयोग की दिशा तय नहीं हुई है।
रिकॉर्ड वोटिंग और ऐतिहासिक मोड़
23 अप्रैल 2026 को हुए इस एक चरण वाले चुनाव में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक था। तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार मतदान प्रतिशत 85.1% रहा। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि जनता के भावनात्मक जुनून का प्रतीक है। लोग जानते थे कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं है।
चुनाव प्रक्रिया में शفافिता बनी रही। नामांकन 30 मार्च से 6 अप्रैल तक जमा किए गए, जबकि नामांकनों की जांच 7 अप्रैल को हुई। वापसी की अंतिम तिथि 9 अप्रैल थी। चुनाव आयोग ने 6 मई 2026 तक पूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन नतीजे समय से पहले ही 4 मई को घोषित कर दिए गए।
उत्सुकता यह थी कि क्या एक फिल्म स्टार द्वारा स्थापित पार्टी, जिसकी नींव 2 फरवरी 2024 को रखी गई थी, वास्तव में मौजूदा गठबंधनों को तोड़ सकती है? विजय ने 18 मार्च 2026 को घोषणा की थी कि टीवीके सभी 234 सीटों पर अकेले लड़ेगी। 30 मार्च को जारी किया गया उम्मीदवारों की सूची ने राज्य भर में हलचल मचा दी।
गठबंधन की रस्सी खिंचाई
108 सीटों की जीत के बाद, विजय ने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी। उन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से कई बार मुलाकात की ताकि सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सके। यह एक नाजुक दौर था।
सियासी समीकरण बदलते रहे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एसपीए छोड़ दिया और सीधे टीवीके के साथ हाथ मिला लिया। इसके अलावा, एसपीए के अन्य चार दलों ने गठबंधन छोड़े बिना टीवीके को बाहरी सहयोग देने का संकेत दिया। इस रणनीति ने विजय को बहुमत की ओर बढ़ने में मदद की। 10 मई 2026 को विजय का मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण हो गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। वीसीके का रुख अभी भी अनिश्चित है। वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमवलवन ने कहा कि उनकी पार्टी अभी भी एसपीए में है, लेकिन वे स्थिति का गंभीरता से विश्लेषण कर रहे हैं।
वीसीके की ध्यान देनी वाली बैठक
8 मई 2026 को थिरुमवलवन ने बताया कि पार्टी की उच्च स्तरीय समिति शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेगी। उन्होंने कहा, "नतीजे 4 मई को आए थे, और आज 8 मई है। निर्णय लेने के लिए समय कम है।"
थिरुमवलवन ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनके कर्तव्य के तहत उन्हें अग्रिम नेताओं से परामर्श करना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे एआईएडीएमके के नेतृत्व में सरकार बनाने के प्रयासों का समर्थन करेंगे, तो उन्होंने इसे "काल्पनिक" मानते हुए सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरे साथियों की राय जानने से पहले अपना व्यक्तिगत मत व्यक्त करना सही नहीं होगा।"
वे शुक्रवार की शाम की बैठक के बाद, शनिवार सुबह पत्रकारों को अपने आधिकारिक रुख की जानकारी देंगे। यह निर्णय तमिलनाडु की राजनीति के भविष्य को आकार दे सकता है।
इतिहास और संदर्भ
यह चुनाव असम और केरल के साथ-साथ 9 अप्रैल को हुआ, जबकि पश्चिम बंगाल के चुनाव दो चरणों में, 23 और 29 अप्रैल को हुए। सभी नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए गए। चुनाव आयोग ने 28 मार्च 2026 को चुनाव के दृष्टिगत TASMAC (तमिलनाडु राज्य विपणन और बिक्री निगम) को बंद करने का आदेश जारी किया था।
टीवीके की यह जीत सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक क्रांति है। जो पार्टी दो साल पहले स्थापित हुई थी, वह आज राज्य की सत्ता में है। यह दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया और स्टारडम की ताकत पारंपरिक राजनीति को कैसे बदल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
टीवीके ने कितनी सीटें जीतीं?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके ने कुल 234 सीटों में से 108 सीटें जीतीं। हालांकि, सरकार बनाने के लिए आवश्यक 117 सीटों के बहुमत तक पहुँचने में उन्हें 10 सीटों की कमी रही, जिसके कारण उन्हें अन्य दलों का सहयोग लेना पड़ा।
वीसीके का आधिकारिक रुख कब घोषित होगा?
वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमवलवन ने घोषणा की कि पार्टी की उच्च स्तरीय समिति 8 मई 2026 शाम 5 बजे बैठक करेगी। आधिकारिक रुख की घोषणा शनिवार, 9 मई 2026 की सुबह पत्रकार सम्मेलन में की जाएगी। यह निर्णय सरकार के गठन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
कौन से दलों ने टीवीके का समर्थन किया?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एसपीए छोड़कर सीधे टीवीके के साथ हाथ मिलाया। इसके अलावा, एसपीए के अन्य चार दलों ने गठबंधन छोड़े बिना टीवीके को बाहरी सहयोग देने का संकेत दिया। इस सहयोग ने विजय को बहुमत सिद्ध करने और मुख्यमंत्री बनने में मदद की।
तमिलनाडु चुनाव में मतदान प्रतिशत क्या रहा?
23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड 85.1% रहा। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे उच्च मतदान प्रतिशत है, जो जनता के राजनीतिक उत्साह और टीवीके जैसे नए दल के उदय के प्रति उनकी दिलचस्पी को दर्शाता है।
सी. जोसेफ विजय का मुख्यमंत्री बनने का दावा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने तमिलनाडु में 59 वर्षों से चली आ रही द्रविड़ पार्टियों (डीएमके और एआईएडीएमके) की वर्चस्व वाली राजनीति को समाप्त किया है। एक फिल्म अभिनेता द्वारा स्थापित पार्टी का सबसे बड़ा दल बनना और फिर सरकार बनाना एक ऐतिहासिक घटना है।
Navya Anish
13 मई, 2026 . 09:48 पूर्वाह्न
यह सब तो बस एक नाटक है। वीसीके का रुख देखकर ही पता चल जाएगा कि असली ताकत किसके पास है।
Twinkle Vijaywargiya
14 मई, 2026 . 17:20 अपराह्न
दोस्तों, हमें इस बदलाव को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए। ट्विंकल कहती हूँ कि राजनीति में नए चेहरों का आना स्वागतयोग्य है।
विजय जी ने जो काम किया है, वह सराहनीय है। हमें मिलकर इसे समझने की कोशिश करनी चाहिए।
Subramanian Raman
15 मई, 2026 . 21:54 अपराह्न
सच कहूं तो मुझे भी यही लग रहा था कि कुछ अलग होने वाला है :) यह चुनाव सच में ऐतिहासिक साबित हुआ है।
Shreyanshu Singh
16 मई, 2026 . 06:54 पूर्वाह्न
आप लोग बहुत ज्यादा उम्मीदवादी हो जाते हो। थिरुमवलवन अभी तक कुछ नहीं बोले और आप जश्न मना रहे हो। इंतजार करो देखोगे क्या होता है।
Shreyanshu Singh
16 मई, 2026 . 16:40 अपराह्न
और हां, वो 85% मतदान? शायद सिर्फ उत्साह था या फिर कुछ और। समय बताएगा।
diksha gupta
18 मई, 2026 . 15:21 अपराह्न
मुझे लगा कि यह केवल एक आम चुनाव होगा लेकिन अब लगता है कि तमिलनाडु की राजनीति पूरी तरह बदल गई है। रंग-बिरंगी राशनियां अब गायब हो रही हैं। विजय का स्टारडम वास्तव में लोगों को प्रभावित करता है। यह एक नई सुबह है।
Sohni Bhatt
19 मई, 2026 . 10:41 पूर्वाह्न
मेरे ख्याल से यह सारा शोर-शराबा बेमतलब है। जब तक वीसीके अपना निर्णय नहीं लेता, तब तक कोई सरकार स्थिर नहीं होगी। मैंने देखा है कि ऐसे गठबंधन कितने कमजोर होते हैं। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। हमें मजबूत नेतृत्व चाहिए, न कि फिल्म स्टार्स का खेल।
Prashant Sharma
20 मई, 2026 . 07:30 पूर्वाह्न
आपकी बात में दाना है लेकिन आप इसे गलत संदर्भ में रख रहे हैं। लोकतंत्र में बदलाव स्वाभाविक है। विजय ने जो किया, वह उनकी मेहनत का परिणाम है।
Prashant Sharma
20 मई, 2026 . 20:33 अपराह्न
इतिहास साक्षी है कि हर नए युग में नए नेता उभरते हैं।
Swetha Sivakumar
22 मई, 2026 . 03:33 पूर्वाह्न
मैं तो बस देख रही हूं कि कैसे सब कुछ बदल रहा है। शांति से रहना जरूरी है।
Mike Gill
23 मई, 2026 . 17:59 अपराह्न
भाई ये सच में बहुत बड़ी बात है। मुझे लगता है कि जनता ने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। hope for the best.
Suresh Kumar
24 मई, 2026 . 01:19 पूर्वाह्न
मैं सोच रहा हूं कि इसका अर्थ क्या है। क्या यह सच में एक नया अध्याय है?
Pranav Gopal
24 मई, 2026 . 05:29 पूर्वाह्न
हमें सबको मिलकर इस बदलाव को समझना चाहिए। शिक्षा और जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
कमल कमल
25 मई, 2026 . 21:38 अपराह्न
ये सब झूठ है। वीसीके का रुख सबसे महत्वपूर्ण है। अगर वे टिविके के साथ नहीं जाते तो सारी योजनाएं धूल खा जाएंगी। मैंने कई बार देखा है कि कैसे छोटे दल बड़े दलों को नीचा दिखाते हैं। यह भारतीय राजनीति का नियम है। हमें अपने देश की शान पर गर्व करना चाहिए। :)
harsh gupta
27 मई, 2026 . 16:12 अपराह्न
हम्म... मुझे शक है कि इस पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र है। सब कुछ सतह पर दिखने वाली बातों से ज्यादा गहरा है।
Anoop Sherlekar
28 मई, 2026 . 12:40 अपराह्न
चलो दोस्तों! यह एक नई शुरुआत है। आइए इसे सकारात्मक रूप से लें। :) विजय जी के साथ खड़े रहें!