उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में एक प्राइवेट अस्पताल में कार्यरत नर्स के साथ हुई वीभत्स घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस नर्स के साथ 30 जुलाई को बलात्कार और हत्या की घटना ने स्वास्थ्य कर्मियों के सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नर्स की लाश 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक खाली प्लॉट में मिली।
इस नृशंस घटना के खुलासे ने सबको आक्रोशित कर दिया है। आरोपी धमेंद्र कुमार, जो कि एक दिहाड़ी मजदूर है और नशे की लत से पीड़ित है, को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। कुमार ने बताया कि उसने नर्स को घर लौटते समय रोक लिया था और नर्स ने कड़ा विरोध किया लेकिन बलपूर्वक उस पर काबू पा लिया गया। इसके बाद उसे गला घोंट कर मारा और यौन शोषण किया गया।
पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक करके और तकनीकी एवं सीसीटीवी साक्ष्य का उपयोग करके कुमार को पहचान लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुमार नर्स को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता था वह उसे अकेला देखकर उसका शिकार बनाया। नर्स की बहन ने 31 जुलाई को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस घटना ने भारत में स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ती हिंसा और अपराधों के बीच, स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर कर रही है कि कैसे हम अपने समाज को और सुरक्षित बना सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति बढ़ते अपराधों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। यही नहीं, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की भी आवश्यकता है ताकि ऐसे वीभत्स अपराधों से बचा जा सके।